मंडला में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप: 21 कर्मचारी गायब, प्रशासन सख्त
मंडला, 26 मार्च 2026

मंडला जिले में प्रशासनिक लापरवाही की एक और बड़ी तस्वीर सामने आई है। अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में तहसील और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुबह 10:10 बजे किए गए इस निरीक्षण में कुल 21 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिससे सरकारी व्यवस्था की पोल खुल गई।
तहसील और एसडीएम कार्यालय में खुली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय मंडला में 14 कर्मचारी नदारद मिले, जबकि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में 7 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की गैरमौजूदगी ने पूरे प्रशासनिक सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कारण बताओ नोटिस जारी, सख्त कार्रवाई के संकेत
अपर कलेक्टर ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि नोटिस की तामील और उसकी प्राप्ति की पुष्टि जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना सूचना अनुपस्थित रहने और काम में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी कई विभागों में सामने आ चुकी है यही स्थिति
यह पहली बार नहीं है जब मंडला में इस तरह की लापरवाही उजागर हुई हो। इससे पहले भी तहसील कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न विभागों में औचक निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए जा चुके हैं।
गर्मी और होली के बाद बढ़ी लापरवाही?
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या गर्मी शुरू होते ही अधिकारी-कर्मचारी ढीले पड़ जाते हैं? होली के बाद से किए जा रहे निरीक्षणों में जिस तरह से कर्मचारी गायब मिल रहे हैं, उससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि कई लोग ‘फील्ड वर्क’ का बहाना बनाकर घर पर आराम कर रहे हैं।
जनता के काम पर पड़ रहा सीधा असर
सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। जरूरी कामों के लिए आने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद रहते हैं।
प्रशासन की सख्ती के बाद क्या बदलेगी तस्वीर?
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन की इस सख्ती के बाद क्या वास्तव में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में सुधार आता है या फिर यह औचक निरीक्षण भी सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा।
Author: Mahishmati Live










