नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन, सैकड़ों प्रकरणों का हुआ त्वरित निराकरण

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  • नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन
  • मण्डला जिला न्यायालय में 24 खंडपीठों का गठन

  • 312 लंबित न्यायालयीन प्रकरणों का त्वरित निराकरण
  • प्रीलिटिगेशन के 440 मामलों का समाधान

  • 4.67 करोड़ रुपये से अधिक का धनादेश पारित
  • बैंक, बिजली, नगरपालिका मामलों में बड़ी वसूली

  • एमएसीटी मामलों में 3.13 करोड़ का अवार्ड
  • 1171 नागरिकों को मिला त्वरित न्याय

  • लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह को बढ़ावा
  • पर्यावरण संरक्षण का संदेश, लाभार्थियों को पौध वितरण

मण्डला।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार दिनांक 13 दिसम्बर 2025 को सम्पूर्ण देश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जिला मण्डला में भी नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

जिला मण्डला में यह आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कमल जोशी के निर्देशन में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तपन धारगा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मण्डला के साथ-साथ तहसील न्यायालय नैनपुर, निवास एवं बिछिया में भी किया गया।

नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, सिविल प्रकरण, विद्युत प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण (एमएसीटी), भरण-पोषण, चेक बाउंस, श्रम, राजस्व, पारिवारिक एवं वैवाहिक प्रकरणों सहित जिला न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित मामलों का निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त बैंक, नगरपालिका, विद्युत विभाग एवं बीएसएनएल के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का भी निपटारा किया गया।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तपन धारगा ने बताया कि प्रकरणों के निराकरण के लिए कुल 24 खंडपीठों का गठन किया गया था, जिनके माध्यम से आपसी सुलह के आधार पर मामलों का त्वरित समाधान किया गया।

 

प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में बैंक के 158 मामलों में से 154 का निराकरण कर 24 लाख 08 हजार 184 रुपये की वसूली की गई। विद्युत विभाग के 178 में से 177 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 15 लाख 41 हजार 648 रुपये की वसूली हुई। नगरपालिका के 104 में से 103 प्रकरण निराकृत हुए, जिसमें 4 लाख 23 हजार 758 रुपये की वसूली की गई।

 

उपभोक्ता फोरम के 15 समझौता योग्य प्रकरणों में से 9 का निराकरण कर 8 लाख 19 हजार 743 रुपये का आदेश पारित किया गया।

 

न्यायालय में लंबित मामलों में समझौता योग्य 99 आपराधिक प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया गया। धारा 138 एनआई एक्ट के 51 मामलों में 1 करोड़ 23 लाख 27 हजार 584 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। मोटर दुर्घटना दावा के 84 मामलों में 3 करोड़ 13 लाख 01 हजार रुपये का अवार्ड पारित हुआ। पारिवारिक विवादों के 16 में से 4 प्रकरण तथा अन्य सिविल प्रकृति के सभी 8 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।

 

इस प्रकार न्यायालय में लंबित कुल 324 प्रकरणों में से 312 प्रकरणों का निराकरण कर 4 करोड़ 67 लाख 58 हजार 901 रुपये की राशि के धनादेश पारित किए गए। वहीं प्रीलिटिगेशन के 446 में से 440 प्रकरणों का निपटारा कर 43 लाख 81 हजार 175 रुपये की राशि का धनादेश पारित किया गया। इस लोक अदालत से कुल 1171 लोग लाभान्वित हुए।

 

लोक अदालत के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाभान्वित पक्षकारों को पौधों का वितरण कर वृक्षारोपण का संदेश भी दिया गया।

 

नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तपन धारगा ने सभी न्यायाधीशगणों, न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Mahishmati Live
Author: Mahishmati Live

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