कलेक्टर पर लगाए आरोप
स्थानीय व्यापारी पर भी लगे गंभीर आरोप
मंडला जिले से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है।

जिले में पदस्थ पटवारी संदीप कुशवाहा द्वारा व्हाट्सएप के कुछ ग्रुप्स में ऐसा संदेश डाला गया, जिसने पूरे राजस्व विभाग को सकते में डाल दिया।

संदेश में संदीप कुशवाहा ने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को जबरन होम अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा गया है।
जैसे ही यह मैसेज सामने आया, साथी पटवारी, तहसीलदार हिमांशु भलावी और पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष गीतेंद्र बैरागी तुरंत संदीप के घर पहुंचे।
मौके पर जो हालात सामने आए, वे बेहद गंभीर और चिंताजनक थे।
करीब चार माह से निलंबित चल रहे पटवारी संदीप कुशवाहा का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ नजर आया।
वे दरवाजे पीट रहे थे, जोर-जोर से चिल्ला रहे थे और असामान्य व्यवहार कर रहे थे।
स्थिति को देखते हुए परिवार वालों ने किसी अप्रिय घटना की आशंका के चलते उन्हें घर के अंदर ही रखा।
मामले की गंभीरता को समझते हुए पटवारी संघ जिलाध्यक्ष गीतेंद्र बैरागी ने तत्काल मंडला कलेक्टर, एसडीएम और एडीएम को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
इसके बाद जिले के सभी पटवारियों के साथ एडीएम राजेंद्र सिंह से मुलाकात कर पूरा मामला विस्तार से सामने रखा गया।

हालांकि मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा इस समय मुख्यालय में मौजूद नहीं हैं, इसलिए यह निर्णय लिया गया कि सोमवार को पूरे मामले का खुलासा कलेक्टर के सामने किया जाएगा।
लेकिन इसी बीच एक और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया।
मानसिक हालत की जानकारी प्रशासन को देने के कुछ ही देर बाद बैक डेट में 15 दिसंबर से पटवारी संदीप कुशवाहा की बहाली का आदेश जारी कर दिया गया।
इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए गए कर्मचारी की बहाली नियमों के तहत हुई?
क्या इस पूरे मामले में कोई दबाव या अंदरूनी खेल चल रहा है?
पटवारी संघ जिलाध्यक्ष गीतेंद्र बैरागी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कड़े शब्दों में कई बड़े खुलासे किए हैं, जिनसे मंडला जिले का प्रशासनिक ढांचा सवालों के घेरे में आ गया है।
अब सवाल यह है कि
क्या सोमवार को कलेक्टर के सामने सच्चाई पूरी तरह सामने आएगी?
और क्या इन खुलासों के बाद बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?
मंडला से इस बड़ी खबर पर हम लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Author: Mahishmati Live











