प्रतापगढ़ में “एक शाम गौस-ए-आज़म के नाम” कॉन्फ्रेंस का हुआ आयोजन

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◆ महिलाओं के अधिकारों पर मौलानाओं ने दिया जोर, शिक्षा को बताया समय की आवश्यकता

प्रतापगढ़ । नगर पंचायत प्रतापगढ़ सिटी स्थित सुन्नी गौसिया जामा मस्जिद, मोहल्ला सैयदन में अंजुमन गुलशन बगदाद कमेटी के बैनर तले “एक शाम गौस-ए-आज़म के नाम” शीर्षक से शानदार जलसे का आयोजन किया गया । इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे आए मौलाना फारूक राजा हबीबी इलाहाबाद ने अपने संबोधन में कहा कि मजहबे इस्लाम महिलाओं और पुत्रियों के अधिकारों को अत्यंत अहमियत देता है, और इन्हें पूरा करना हर मुसलमान का फर्ज़ है । उन्होंने कहा कि समाज में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है ताकि गलतफहमियों को दूर किया जा सके ।

मौलाना अनीश मिस्बाही ने कहा कि आज मुसलमान दौलत के पीछे इतना भाग रहा है कि बेटियों की तालीम को नज़रअंदाज कर रहा है । उन्होंने शिक्षा को इस्लामी समाज का मजबूत आधार बताया ।
मौलाना सलीम मिस्बाही ने कहा, शिक्षा हर व्यक्ति के लिए जरूरी है, हमें इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए । मौलाना शादाब राज ने कहा, इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं, जबकि मौलाना एहसान अली ने गरीबों और मजलूमों से मोहब्बत को इंसान का सबसे बड़ा फर्ज़ बताया । मौलाना नसीम साहब ने कहा, किसी को दुख पहुंचाना इस्लाम में सबसे बड़ा गुनाह है ।

कार्यक्रम में शायरों ने भी अपनी कलाम से समां बांध दिया।
शायर अमजद राजा करीमी कुंडा ने पढ़ा — “मैं गौस पाक का दीवाना, मैं गौस पाक का मस्ताना।”
शायर जीशान अहमद प्रतापगढ़ी ने पेश किया – “सरकार-ए-ग़ौस-ए-आज़म, मुजरिम हूँ कर रहा हूँ फ़रियाद ग़ौस-ए-आज़म।”
वहीं जीशान खान सुल्तानपुरी ने कहा – “सरकार-ए-ग़ौस-ए-आज़म नज़र-ए-करम ख़ुदारा।”
डॉ. साहिल रज़ा कादरी ने अपनी नज़्म “हम गरीबों के शहर हैं गौस-ए-आज़म” से उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया ।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन में डॉ. फारूक, रेहान सिद्दीकी, नेहाल शेख, पप्पू मंसूरी, शेरू खान, फैज सिद्दीकी, जफरुल हक, मोहम्मद अंसार (सभासद), रिजवान, मजहर हक, सैय्यद इजहार अली, शेख आवेश (भाजपा नेता), अशफाक, रूमान अंसारी, इतफाम मंसूरी, परवेज, मोइन, शेख जीशान, सैय्यद नौशाद, सैय्यद शाहबाज, मोहम्मद दानिश खान, सैय्यद मंसूर, एहसान अली, शाहबाज अली, आदिल खान, ज़ैद गद्दी, नफीस सलमानी, मेराज कुरैशी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन दुआएं और सलाम के साथ किया गया ।

 

Mahishmati Live
Author: Mahishmati Live

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