बड़े भू-खण्ड को उप-विभाजित कर बेचने का मामला
मण्डला जिले के ग्राम महाराजपुर में बड़े भू-खण्ड को छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचकर बनाई गई एक कॉलोनी को प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई अपर कलेक्टर न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद की गई है।

29 जनवरी 2026 को पारित हुआ आदेश
न्यायालय अपर कलेक्टर से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण क्रमांक 0126/ब-121/2025-26, म.प्र. शासन विरुद्ध प्रेमनारायण जायसवाल आ. तेजीलाल जायसवाल में दिनांक 29 जनवरी 2026 को आदेश पारित किया गया।
किस भूमि पर बनाई गई थी कॉलोनी
यह मामला ग्राम महाराजपुर, पटवारी हल्का नंबर 34, राजस्व निरीक्षक मंडल महाराजपुर, तहसील एवं जिला मण्डला से जुड़ा है। संबंधित भूमि खसरा नंबर 303/8/2/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1/1, रकबा 0.139 हेक्टेयर है।
25 प्लॉट बनाकर किया गया विक्रय
भूमिस्वामी प्रेमनारायण जायसवाल द्वारा उक्त भूमि को 25 छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर विक्रय किया गया, जिसके बाद वहां कॉलोनी का निर्माण किया गया। यह प्रक्रिया कॉलोनाइजर नियमों और वैधानिक अनुमति के बिना की गई।
कॉलोनी घोषित की गई अवैध
अपर कलेक्टर न्यायालय ने उक्त कॉलोनी को अवैध घोषित करते हुए इसे नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
आदेश के अनुपालन में तहसीलदार मण्डला को निर्देश दिए गए हैं कि अनावेदक के विरुद्ध थाना महाराजपुर में अवैध कॉलोनी निर्माण के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
अवैध कॉलोनियों पर सख्ती का संकेत
प्रशासन की यह कार्रवाई जिले में अवैध कॉलोनी निर्माण करने वालों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के विरुद्ध किए गए निर्माण पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Author: Mahishmati Live











