महाराष्ट्र के मुंबई से आए 33 नर्मदा भक्तों ने मंडला के व्यास नारायण मंदिर किला घाट में संकल्प पूजा कर मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा शुरू की। चैत्र मास में विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन जारी है।
चैत्र मास में नर्मदा भक्तों का मंडला आगमन शुरू
चैत्र मास के प्रारंभ होते ही मां नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का मंडला आगमन शुरू हो गया है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में नर्मदा भक्त मंडला पहुंच रहे हैं और आस्था के साथ परिक्रमा कर रहे हैं।

मुंबई से आए 33 श्रद्धालुओं ने लिया परिक्रमा का संकल्प
इसी क्रम में गुरुवार को महाराष्ट्र के मुंबई से आए 33 नर्मदा भक्तों ने मंडला के व्यास नारायण मंदिर किला घाट में मां नर्मदा के जल से संकल्प लेकर उत्तरवाहिनी परिक्रमा की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

पंडित रामायणी दुबे ने कराई संकल्प पूजा
व्यास नारायण मंदिर में पंडित रामायणी दुबे द्वारा श्रद्धालुओं को विधि-विधान से संकल्प पूजा कराई गई। पूजा के बाद सभी भक्तों को नाव में बैठाकर उत्तरवाहिनी परिक्रमा के लिए रवाना किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के जयकारे लगाए।

चैत्र मास में लगातार पहुंचते हैं देशभर के श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार चैत्र मास के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से नर्मदा भक्त मंडला पहुंचते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा पूर्ण करते हैं। परिक्रमा पूरी करने के बाद श्रद्धालु मां नर्मदा का आशीर्वाद लेकर अपने-अपने राज्यों को लौट जाते हैं।

धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है मंडला
मंडला में मां नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर इस पवित्र परिक्रमा में भाग लेते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।








