मंडला के हिरदेनगर में ऐतिहासिक मचलेश्वर मेला, उमड़ा जनसैलाब

मंडला जिले के ग्राम हिरदेनगर में जिले का सबसे प्राचीन और विशाल मचलेश्वर मेला इन दिनों पूरे शबाब पर है। दूर-दराज़ के गांवों से लेकर जिले भर के लोग बड़ी संख्या में मेले का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। मेले का ऐतिहासिक महत्व और पारंपरिक स्वरूप इसे विशेष बनाता है।



राजा हृदय शाह की नगरी में पशु मेले की खास पहचान
हिरदेनगर को राजा हृदय शाह की नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां लगने वाला मचलेश्वर मेला विशेष रूप से पशु मेले के रूप में प्रसिद्ध है। प्रदेश भर से व्यापारी अपने पशुओं को क्रय-विक्रय के लिए यहां लाते हैं। बैल, गाय, भैंस सहित विभिन्न पशुओं की खरीद-फरोख्त मेले का मुख्य आकर्षण बनी हुई है।


सुई से लेकर बड़े सामान तक, हर जरूरत की पूर्ति
इस मेले की खासियत यह भी है कि यहां सुई से लेकर बड़े से बड़ा घरेलू सामान आसानी से मिल जाता है। कपड़े, बर्तन, कृषि उपकरण, फर्नीचर सहित हर प्रकार की सामग्री के स्टॉल सजे हुए हैं। ग्रामीणों के लिए यह मेला एक बड़े बाजार का रूप ले लेता है।

बच्चों और महिलाओं के लिए खास आकर्षण
मेले में बच्चों के लिए रंग-बिरंगे झूले, आकर्षक खिलौने और मनोरंजन के कई साधन मौजूद हैं। वहीं महिलाओं के लिए श्रृंगार सामग्री, कपड़े, जूते-चप्पल और घरेलू उपयोग की वस्तुएं भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। पूरा मेला उत्साह और उमंग से भरा दिखाई दे रहा है।

छपरा वाली माता मंदिर में उमड़ी आस्था
हिरदेनगर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल छपरा वाली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखी जा रही है। लोग माता के दर्शन कर मन्नतें मांगते हैं और उसके बाद मेले का भ्रमण करते हैं। आस्था और उत्सव का यह संगम मेले को और भी खास बना देता है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, CCTV से निगरानी
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। हिरदेनगर पुलिस चौकी द्वारा चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। जगह-जगह पुलिस, होमगार्ड और नगर रक्षा समिति के जवान तैनात हैं।
ग्राम पंचायत हिरदेनगर ने इस वर्ष नया प्रयोग करते हुए मेले में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जो पूरे क्षेत्र पर निगरानी बनाए हुए हैं। सरपंच मुन्नी बाई वरकड़े ने सभी मेला प्रेमियों को मेले में आने का सादर आमंत्रण दिया है।
मचलेश्वर मेला न केवल व्यापार और मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि यह ग्रामीण संस्कृति, आस्था और परंपरा का जीवंत उदाहरण भी है।
Author: Mahishmati Live










