सहस्त्रधारा का अद्भुत दृश्य
मंडला।

मध्यप्रदेश का मंडला जिला एक बार फिर मां नर्मदा के अद्भुत और अनदेखे सौंदर्य को लेकर चर्चा में है। सहस्त्रधारा के आगे बरगी बांध के डूब क्षेत्र में इन दिनों नर्मदा नदी अपने बेहद आकर्षक और विस्तृत स्वरूप में दिखाई दे रही हैं, जिसे करीब से देखना हर किसी के लिए एक दुर्लभ अनुभव है।

मंडला जिले में नर्मदा नदी के किनारे कई प्रमुख पर्यटन स्थल स्थित हैं, जिनमें रामनगर किला, संगम घाट, महिष्मति घाट, सहस्त्रधारा, गरमपानी कुंड और जिलेहरी घाट शामिल हैं। लेकिन इन सबके आगे नर्मदा का वह रूप, जो बरगी बांध के डूब क्षेत्र में देखने को मिलता है, अब तक कम ही लोगों की नजरों में आ पाया है।

सहस्त्रधारा से लगभग आठ किलोमीटर आगे शुरू होने वाले इस क्षेत्र में ठंड के मौसम में, जब बरगी बांध पूरी क्षमता के साथ भरा होता है, तब नर्मदा नदी विशाल जलराशि के रूप में फैल जाती है। चट्टानों के बीच से बहती सैकड़ों जलधाराएं और छोटे-बड़े जल प्रपात इस क्षेत्र को अत्यंत रमणीय बना देते हैं।

होमगार्ड कमांडेंट नरेश साहू के सहयोग से मीटर बोट द्वारा करीब दस किलोमीटर तक की यात्रा कर इस प्राकृतिक सौंदर्य को नजदीक से देखा गया। नाव यात्रा के दौरान चारों ओर फैली जलराशि, शांत वातावरण और बहती नर्मदा की धाराएं मन को विशेष शांति का अनुभव कराती हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक संभावनाओं से भरा हुआ है। यदि सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से इसे विकसित किया जाए, तो यह मंडला जिले को एक नई पहचान दिला सकता है।

पर्यटन प्रेमियों और प्रकृति से जुड़ाव रखने वालों के लिए यह स्थान एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है। सहस्त्रधारा पहुंचकर नाव के माध्यम से इस क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है और नर्मदा के इस दुर्लभ स्वरूप के दर्शन किए जा सकते हैं।

नर्मदा नदी का यह अनदेखा सौंदर्य न केवल प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि मंडला जिले के पर्यटन मानचित्र में एक नया अध्याय जोड़ने की ओर भी इशारा कर रहा है।
Author: Mahishmati Live











