गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की बड़ी कार्रवाई: 4 पदाधिकारी निष्कासित, पूर्व विधायक को नोटिस
मंडला। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर सख्त कदम उठाते हुए सिवनी और छिंदवाड़ा जिले के चार पदाधिकारियों को छह माह के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही एक पूर्व विधायक सहित दो अन्य नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह निर्णय 5 मार्च को मंडला में आयोजित बैठक में जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया।


मंडला में प्रेसवार्ता कर दी कार्रवाई की जानकारी
मंडला में आयोजित प्रेसवार्ता में गोंगपा के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर कमलेश तेकाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता राधेश्याम काकोड़िया और प्रदेश प्रवक्ता संतर वलारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई की जानकारी मीडिया को दी।
प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम ने कहा कि संगठन में अनुशासन बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिवनी में बैठक के बाद बढ़ा विवाद
पार्टी नेतृत्व के अनुसार 2 मार्च को सिवनी जिले के छपारा और बंजारी क्षेत्र में कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष कमलेश तेकाम के खिलाफ नारेबाजी की गई और केंद्रीय नेतृत्व पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणियां की गईं।
बताया गया कि इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, यूट्यूब और व्हाट्सएप पर भी प्रसारित किए गए, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा।
चार पदाधिकारियों को छह माह के लिए निष्कासित
पार्टी विरोधी गतिविधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से संगठन की छवि खराब करने के आरोप में छिंदवाड़ा जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष देवीराम उर्फ देवरावन भलावी, युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रवीण धुर्वे, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष संदीप इनवाती और सिवनी जिले के छपारा निवासी रावेनशाह उइके को छह माह के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि इन पदाधिकारियों की गतिविधियां संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ थीं।
पूर्व विधायक रामगुलाम उइके और महेश वटटी को नोटिस
गोंगपा ने पूर्व विधायक रामगुलाम उइके और प्रदेश पदाधिकारी एडवोकेट महेश वटटी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
दोनों नेताओं को 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो पार्टी द्वारा आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
शक्ति सिंह सिसौदिया की नियुक्ति भी निरस्त
पार्टी ने एक अन्य निर्णय लेते हुए 26 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय से की गई शक्ति सिंह सिसौदिया की नियुक्ति को भी निरस्त कर दिया है।
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसे निर्णय आवश्यक हैं।

संगठन में अनुशासन को लेकर सख्त संदेश
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की इस कार्रवाई को संगठन में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि कोई नेता या कार्यकर्ता संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी
Author: Mahishmati Live










