सीएनसीपी बालकों के प्रवेश पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित

मंडला जिले के आदर्श बाल गृह में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंतर्गत बाल देखरेख संस्थाओं में सीएनसीपी (Care and Protection) श्रेणी के बच्चों के प्रवेश हेतु एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त रूप से आयोजन बाल कल्याण समिति जिला मंडला, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सीमा सोशल वेलफेयर सोसायटी द्वारा किया गया।
जोखिमग्रस्त बच्चों के चिन्हांकन पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में जोखिमग्रस्त एवं हाशिए पर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें संस्थागत देखरेख उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की पहल की गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, संस्थाओं और विभागीय सपोर्ट पर्सन को इस दिशा में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अतिथियों ने किया शुभारंभ, विशेषज्ञों ने दी जानकारी

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ पटवा ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखी।
किशोर न्याय बोर्ड के पूर्व सदस्य अब्दुल गनी खान ने आदर्श बाल गृह की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2013 से अब तक 264 बच्चों को संरक्षण दिया गया और 256 बच्चों का सफल पारिवारिक पुनर्वास किया जा चुका है।
बाल अधिकार और कानून पर विस्तृत प्रशिक्षण
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र गुप्ता ने कार्यशाला में संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन, बाल अधिकारों और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
संरक्षण अधिकारी रितेश बघेल ने मिशन वात्सल्य के तहत संस्थागत एवं गैर-संस्थागत योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की।
प्रतिभागियों को बाल संरक्षण किट और प्रमाणपत्र

कार्यशाला में 46 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थाएं और विभागीय कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
महिला एवं बाल विकास विभाग, जन साहस संस्था और आवाज संस्था द्वारा प्रतिभागियों को बाल संरक्षण किट भी वितरित की गई।
आदर्श बाल गृह की महत्वपूर्ण भूमिका
मंडला का आदर्श बाल गृह 50 बच्चों की क्षमता के साथ वर्ष 2013 से संचालित हो रहा है। यहां बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
क्या है बाल कल्याण समिति?
बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत गठित एक स्वायत्त संस्था है, जो अनाथ, त्यागे गए या संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की देखरेख, सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करती है।








