नर्मदा जी का दिव्य सहस्त्रार्चन: अमरकंटक में होगा भव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान
23 अगस्त को माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर जुटेंगे श्रद्धालु
मंडला/अमरकंटक। श्रावण मास की पावन बेला में माँ नर्मदा के भक्तों के लिए एक विशेष और दिव्य आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। आगामी 23 अगस्त 2026 को माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल अमरकंटक में नर्मदा जी का दिव्य सहस्त्रार्चन सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य आयोजन किया जाएगा।

नीलू महाराज के मार्गदर्शन में होगा आयोजन
वरदान आश्रम के प्रमुख श्रद्धेय श्री रामगोपाल शास्त्री, जिन्हें नीलू महाराज के नाम से भी जाना जाता है, के मार्गदर्शन में इस विशेष धार्मिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को केवल माँ नर्मदा के दर्शन कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें विशेष पूजा-अर्चना और दुर्लभ धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनाना भी है।

पद्म पुराण में वर्णित विधि से सहस्त्रार्चन
आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, पद्म पुराण में वर्णित विधि के अनुसार सार्वजनिक रूप से माँ नर्मदा जी के सहस्त्रार्चन का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालु अमरकंटक स्थित पवित्र कोटि तीर्थ में दिव्य स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

11 हजार बिल्वपत्र, दुग्धाभिषेक और कमल पुष्पों से विशेष अर्चन
धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान 11 हजार बिल्वपत्रों से भगवान शिव का शिवार्चन, 25 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक तथा 108 कमल पुष्पों से श्री लक्ष्मी-नारायण का विशेष अर्चन किया जाएगा।
501 दीपों से सजेगी भव्य महाआरती
इस आयोजन का विशेष आकर्षण 501 दीपों से होने वाली भव्य महाआरती रहेगी। दीपों की जगमगाहट और माँ नर्मदा के जयकारों के बीच श्रद्धालु आस्था और भक्ति के दिव्य वातावरण का अनुभव करेंगे। साथ ही सिद्ध संतों का सानिध्य और दर्शन भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।

हर परिवार को मिलेगी अलग पूजन थाली
यात्रा में शामिल प्रत्येक परिवार को पूजन सामग्री सहित अलग-अलग पूजन थाली उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सभी श्रद्धालु विधि-विधान और पूर्ण श्रद्धा के साथ माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन कर सकें।
श्रद्धालुओं से शीघ्र स्थान सुरक्षित कराने की अपील
आयोजकों ने इसे माँ नर्मदा के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का विशेष अवसर बताते हुए इच्छुक श्रद्धालुओं से अपना स्थान शीघ्र सुरक्षित कराने की अपील की है।
तो इस श्रावण मास आइए, माँ नर्मदा के पावन उद्गम स्थल अमरकंटक में आस्था के इस दिव्य पर्व का हिस्सा बनें और 501 दीपों की महाआरती के साथ माँ नर्मदा के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा के दीप प्रज्वलित करें।
हर-हर नर्मदे!









