सागर नकली शराब कांड में CM का बड़ा एक्शन, 3 अफसर सस्पेंड, 1 मुख्यालय अटैच
भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को जिले से हटाकर मुख्यालय अटैच किया गया है।
घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की वरिष्ठ टीमों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार और प्रभावित परिवारों के लिए राहत एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
बंडा तहसील के तीन गांवों में सामने आया मामला
जानकारी के मुताबिक, सागर जिले की बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांव में नकली शराब पीने के बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौत होने का मामला सामने आया है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की जांच शुरू की गई। शराब से जुड़े पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल अधिकारियों को जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सुबह ही दिए थे सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह घटना को लेकर अधिकारियों से चर्चा की थी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मामले की तत्काल जांच की जाए और घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित लोगों को राहत, उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले में आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में:
– कीर्ति दुबे — सहायक आबकारी आयुक्त, सागर
– दिलीप खंडाते — सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सागर
– प्रोशनी उरेती — आबकारी उप-निरीक्षक, बंडा वृत्त
इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई घटना के संबंध में विभागीय स्तर पर सामने आई जिम्मेदारियों और लापरवाही को लेकर की गई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी को ग्वालियर मुख्यालय किया गया अटैच
मामले में प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर जिले से हटा दिया है।
उन्हें ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
इस कार्रवाई को सागर में नकली शराब से जुड़े मामले में प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रभावित गांवों में पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों से संबंधित चिकित्सा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता और उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार पर नजर
घटना के बाद अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों के इलाज और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत रखना है।
दोषियों पर और हो सकती है कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में स्पष्ट कर दिया है कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में प्रारंभिक कार्रवाई के बाद जांच के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। नकली शराब कहां से आई, इसकी सप्लाई किसके माध्यम से हुई और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सरकार ने दिखाई सख्ती, जांच पर टिकी नजर
सागर के बंडा क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने अवैध और नकली शराब के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सरकार ने तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को निलंबित और एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया है।
अब इस पूरे मामले में जांच की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद यह साफ है कि सरकार मामले में जिम्मेदारी तय कर आगे भी कार्रवाई करने के मूड में है।









