पाठासिहोरा छात्रावास प्रकरण में बड़ी विभागीय कार्रवाई, अधीक्षक निलंबित; 8 छात्र निष्कासित

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मंडला। नैनपुर विकासखंड के पाठासिहोरा स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय छात्रावास में 21 सितंबर की रात छात्रों के बीच हुई मारपीट और सामने आई प्रशासनिक लापरवाही के मामले में जनजातीय कार्य विभाग ने जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्रावास अधीक्षक अनिल कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अनुशासनहीनता और मारपीट में शामिल पाए गए 8 विद्यार्थियों को छात्रावास से निष्कासित किया गया है।

 

जूनियर छात्रों के साथ मारपीट का सामने आया था मामला

दरअसल, 21 सितंबर 2026 की रात छात्रावास में 6वीं कक्षा के जूनियर छात्रों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया था। आरोप था कि सीनियर छात्रों ने बच्चों को रात में सोते समय उठाया और चोरी के शक में उनके साथ मारपीट की। बच्चों के हाथों में जलते अंगारे रखे जाने और बेल्ट से पिटाई किए जाने के आरोप भी सामने आए थे

घटना में बच्चों के हाथ झुलसने और छाले पड़ने की जानकारी सामने आई थी। बच्चों ने डर के कारण तत्काल घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में परिजनों तक मामला पहुंचा और उन्होंने छात्रावास की व्यवस्था तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।

मामले की जांच के लिए गठित हुआ दल

मामला सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान घटना की रात छात्रावास में मौजूद कर्मचारियों, अधीक्षक की उपस्थिति, छात्रों के बीच हुई घटना और उसके बाद अपनाई गई प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई।

जांच रिपोर्ट में छात्रावास की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

घटना की रात चौकीदार ड्यूटी से नदारद

विभागीय जांच में सामने आया कि घटना वाली रात छात्रावास का चौकीदार अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित था। इसके अलावा छात्रावास अधीक्षक अनिल कुमार उइके, जो माध्यमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं, बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि छात्रों के बीच हुई झड़प की जानकारी उच्च अधिकारियों को समय पर नहीं दी गई।

अधीक्षक पर सेवा नियमों के तहत कार्रवाई

छात्रावास की व्यवस्था और घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने के मामले को विभाग ने गंभीरता से लिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन को लेकर अधीक्षक अनिल कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इस कार्रवाई के बाद छात्रावास की निगरानी व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर विभाग का रुख स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

मारपीट और अनुशासनहीनता में 8 छात्र निष्कासित

विभाग ने घटना में शामिल छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जांच में अनुशासनहीनता और मारपीट में शामिल पाए गए 8 विद्यार्थियों को छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के बीच मारपीट, अनुशासनहीनता या नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महिष्मति लाइव ने उठाए थे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सवाल

इस पूरे मामले में महिष्मति लाइव ने बच्चों के साथ हुई कथित प्रताड़ना, छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी से जुड़े सवालों को प्रमुखता से सामने रखा था। रिपोर्ट में यह भी सवाल उठाया गया था कि रात के समय छात्रावास में बच्चों की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी और घटना के बाद उच्च अधिकारियों को तत्काल जानकारी क्यों नहीं दी गई।

रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में विभागीय स्तर पर जांच आगे बढ़ी और अब जांच रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षक के निलंबन तथा 8 विद्यार्थियों के निष्कासन की कार्रवाई सामने आई है।

अब छात्रावास की व्यवस्था पर निगरानी की चुनौती

इस कार्रवाई के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल छात्रावास में आगे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। बच्चों की निगरानी, रात के समय जिम्मेदार कर्मचारियों की मौजूदगी और किसी भी अप्रिय घटना की तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करना विभाग के सामने चुनौती होगी।

फिलहाल विभागीय जांच के आधार पर अधीक्षक के निलंबन और 8 विद्यार्थियों के निष्कासन की कार्रवाई की जा चुकी है। पाठासिहोरा छात्रावास प्रकरण ने बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ छात्रावास प्रबंधन की जवाबदेही को भी केंद्र में ला दिया है।

Mahishmati Live
Author: Mahishmati Live

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