एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से मौत मामला: संचालन कंपनी ने चार कर्मचारियों को किया टर्मिनेट, जांच जारी
मंडला। 21 वर्षीय किडनी मरीज अजीत बरया की एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के कथित मामले में अब 108 एम्बुलेंस संचालन कंपनी जेईईएस प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का आधिकारिक पक्ष भी सामने आ गया है। कंपनी ने मामले को गंभीर मानते हुए चार कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जांच की कार्रवाई भी जारी है।

कंपनी की आंतरिक जांच के बाद चार कर्मचारी बर्खास्त
कंपनी के पीआरओ तरुण सिंह परिहार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही आंतरिक जांच कराई गई। जांच के बाद ईएमटी मंजुला पटेल, पायलट परमचंद नंदा, जोनल मैनेजर प्रवीण कुमार तिवारी और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर उमेश जंघेला की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कंपनी का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनैतिक कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कंपनी का दावा: ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ किया गया था रेफर
कंपनी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि मरीज को पहले 108 एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी लाया गया था। वहां से उसी एम्बुलेंस द्वारा जिला अस्पताल मंडला के लिए रेफर किया गया। कंपनी का दावा है कि सीएचसी से मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ भेजा गया था। इस संबंध में स्टाफ नर्स से भी जानकारी ली गई, जिन्होंने मरीज को ऑक्सीजन लगाकर भेजे जाने की पुष्टि की है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच अभी जारी है।

परिजनों ने लगाया था ऑक्सीजन खत्म होने का आरोप
गौरतलब है कि 27 जुलाई को सुनहरा माल निवासी 21 वर्षीय अजीत बरया की जिला अस्पताल मंडला लाते समय मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो गया, जिससे समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सकी और अजीत ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद एम्बुलेंस के अंदर का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।
कलेक्टर ने गठित की जांच समिति, एफआईआर भी दर्ज
घटना के बाद कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाना मंडला में बीएनएस की धारा 106(1) के तहत ईएमटी मंजुला पटेल, जिला समन्वयक उमेश जंघेला और 108 एम्बुलेंस सेवा के प्रोजेक्ट हेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
पुलिस जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी
फिलहाल मामले की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है। दूसरी ओर, संचालन कंपनी ने अपने स्तर पर संबंधित कर्मचारियों को सेवा से हटाने की कार्रवाई कर दी है। मामले की अंतिम स्थिति पुलिस जांच और आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।










