तालाब अतिक्रमण विवाद पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, प्रशासन को दी चक्का-जाम की चेतावनी

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मंडला: तालाब निस्तार में बाधा और अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

मंडला, 16 जून 2026। मंडला जिले के बड़ी खेरी गांव में स्थित शासकीय तालाब पर कथित अतिक्रमण और निस्तार व्यवस्था में बाधा को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष जन सुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 20 जून तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वे चक्का-जाम करने के लिए मजबूर होंगे।

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वर्षों से चल रहा है तालाब निस्तार का विवाद

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार बड़ी खेरी गांव का तालाब निस्तार पत्रक में दर्ज है और इसका उपयोग गांव के लोगों द्वारा निस्तार एवं अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाता है। शिकायत में बताया गया है कि पिछले कई वर्षों से तालाब के निस्तार क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा था, जिस पर पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा आदेश भी पारित किए गए थे। बाद में कलेक्टर स्तर पर भी तालाब को शासकीय मद में दर्ज किए जाने की पुष्टि की गई थी।

अतिक्रमण हटाने का आश्वासन, लेकिन फिर बना दी गई मेड़

ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब की शासकीय भूमि पर बने अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा 2 जून 2026 तक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

ग्रामीणों के विरोध के बीच जेसीबी से निर्माण का आरोप

शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि 13 जून 2026 को कुछ लोगों द्वारा तालाब क्षेत्र में जेसीबी मशीन की सहायता से मेड़ निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची राजस्व टीम द्वारा जांच की गई, जिसमें शिकायत सही पाए जाने का दावा किया गया है। साथ ही मौके पर पंचनामा भी तैयार किया गया।

कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बढ़ रहे हैं। इससे सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित शासकीय भूमि का निजी उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

20 जून तक कार्रवाई नहीं हुई तो होगा चक्का-जाम

ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि यदि 20 जून 2026 तक तालाब क्षेत्र की स्थिति यथावत नहीं की गई और अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो गांववासी चक्का-जाम आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

जन सुनवाई में उठे इस मामले के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो बड़ी खेरी में तालाब अतिक्रमण का यह विवाद आंदोलन का रूप ले सकता है।

 

मंडला के बड़ी खेरी गांव में तालाब अतिक्रमण और निस्तार विवाद को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की। 20 जून तक कार्रवाई नहीं होने पर चक्का-जाम की चेतावनी दी गई।

 

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Mahishmati Live
Author: Mahishmati Live

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