गाय को “राष्ट्र माता” घोषित करने की मांग: मुस्लिम विकास परिषद ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

मंडला, 11 जून 2026। मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद, मंडला द्वारा राष्ट्रहित, सामाजिक सौहार्द और गोवंश संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत की महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। परिषद ने गाय को “राष्ट्र माता” घोषित करने और देशभर में सशक्त गोवंश संरक्षण कानून लागू करने की मांग उठाई है।

धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक है गाय
ज्ञापन में परिषद ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय को करुणा, पालन-पोषण, समृद्धि और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। हिंदू समाज में गाय के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान की भावना रही है, जिसके कारण उसे “गौ माता” के रूप में संबोधित किया जाता है। परिषद का कहना है कि देश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए गाय को विशेष संरक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।

गाय के नाम पर बढ़े विवादों पर जताई चिंता
मुस्लिम विकास परिषद ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में गाय से जुड़े मुद्दों पर कई स्थानों पर सामाजिक तनाव और विवाद की स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। परिषद का आरोप है कि कुछ तत्वों ने इस विषय का राजनीतिक और सांप्रदायिक लाभ के लिए उपयोग किया, जिससे सामाजिक वैमनस्य और हिंसक घटनाओं को बढ़ावा मिला। परिषद ने कहा कि ऐसे मामलों का प्रभाव कई बार मुस्लिम समुदाय पर भी पड़ा है।

सभी धर्मों की आस्थाओं के सम्मान की बात
परिषद अध्यक्ष मोहम्मद राशिद खान ने कहा कि मुस्लिम समाज देश के सभी धर्मों और उनकी आस्थाओं का सम्मान करता है। सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान को बनाए रखने के उद्देश्य से परिषद ने सरकार से मांग की है कि गोसंरक्षण और गोसम्मान को लेकर स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी नीतियां बनाई जाएं, ताकि इस विषय पर होने वाले विवादों और राजनीति पर रोक लगाई जा सके।

ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
मुस्लिम विकास परिषद ने अपने ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें प्रस्तुत कीं। इनमें गाय को “राष्ट्र माता” घोषित करना, गोवंश संरक्षण के लिए सशक्त कानून बनाना तथा कमजोर और बूढ़ी गायों की खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग शामिल है।
परिषद ने यह भी मांग की कि गायों की मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कराया जाए। इसके अलावा, गौ संरक्षण के नाम पर संचालित गौ रक्षा दलों पर प्रतिबंध लगाने और उनकी आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों तथा गौ तस्करी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
गौमांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग
ज्ञापन में गाय और बैल के मांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई है। परिषद ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्यातकों के लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाएं और इस संबंध में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गौशालाओं और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
परिषद ने गौशालाओं के संचालन के लिए विशेष आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है। साथ ही गौ आधारित उत्पादों, पंचगव्य उत्पादों और जैविक खेती को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया है।
सामाजिक सौहार्द के लिए जनजागरण अभियान की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि सभी धर्मों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान और विश्वास बनाए रखने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाए। परिषद का मानना है कि गोसंरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाकर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत किया जा सकता है।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुस्लिम विकास परिषद के जिला अध्यक्ष मोहम्मद राशिद, अब्दुल जावेद कुरैशी, लारेब कुरैशी, अतीक अहमद खान, शाह फैसल खान, बाकर भाईजान सहित बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित रहे। सभी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
सामाजिक सद्भाव और गोसंरक्षण को मजबूत करने की अपील
परिषद ने विश्वास जताया कि यदि गोवंश संरक्षण को लेकर स्पष्ट, पारदर्शी और कठोर व्यवस्था लागू की जाती है तो इससे न केवल गायों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि समाज में आपसी विश्वास, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को भी मजबूती मिलेगी।
मंडला में मुस्लिम विकास परिषद ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गाय को राष्ट्र माता घोषित करने, सशक्त गोवंश संरक्षण कानून बनाने और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की मांग की।








