मंडला जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी बनी गंभीर चुनौती
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मंडला। प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में 1175 मेडिकल अधिकारियों की पदस्थापना किए जाने के बाद विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की कमी दूर होने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, जिला अस्पताल मंडला को इस प्रक्रिया में अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है।

17 रिक्त पदों के बावजूद केवल एक सीट प्रदर्शित
300 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल मंडला में मेडिकल अधिकारियों के 17 पद वर्तमान में रिक्त हैं। इसके बावजूद पदस्थापना प्रक्रिया के दौरान चॉइस फिलिंग में अस्पताल की केवल एक सीट ही प्रदर्शित की गई। इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे डॉ. रितेश अग्रवाल ही स्थायी रूप से यहां पदस्थापित हो सके।

तीन चिकित्सकों का हुआ स्थानांतरण, बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार अस्पताल में कार्यरत अन्य तीन चिकित्सकों को मंडला से बाहर पदस्थापित कर दिया गया है। इससे पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, जिसके चलते उपलब्ध चिकित्सकों पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है।

जनप्रतिनिधियों और चिकित्सकों ने उठाए सवाल
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और चिकित्सकों का कहना है कि जब जिला अस्पताल में 17 पद रिक्त हैं, तब चॉइस फिलिंग में केवल एक पद दिखाया जाना समझ से परे है। उनका मानना है कि यह मंडला जिले के साथ अन्यायपूर्ण स्थिति है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मेडिकल कॉलेज शुरू होने से बढ़ेगी आवश्यकता
विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी समय में मंडला में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होने की संभावना है। ऐसे में जिला अस्पताल में चिकित्सकों की आवश्यकता वर्तमान से कहीं अधिक बढ़ जाएगी। यदि समय रहते रिक्त पद नहीं भरे गए तो स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
अतिरिक्त पदस्थापना की मांग
स्थानीय स्तर पर शासन से मांग की जा रही है कि जिला अस्पताल मंडला में रिक्त 17 पदों के अनुरूप अतिरिक्त मेडिकल अधिकारियों की शीघ्र पदस्थापना की जाए। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी और अस्पताल में चिकित्सकों की कमी की समस्या का समाधान हो सकेगा।
जिला अस्पताल मंडला में मेडिकल अधिकारियों के 17 पद रिक्त होने के बावजूद पदस्थापना प्रक्रिया में केवल एक सीट प्रदर्शित की गई। चिकित्सकों और जनप्रतिनिधियों ने शासन से अतिरिक्त पदस्थापना की मांग की है।








