भोपाल। संयुक्त एनएचएम एसोसिएशन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के सामने आवाज बुलंद की है। संघ ने उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए 30 दिनों के भीतर मांगों का निराकरण नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

पहले भी भेजे जा चुके हैं कई ज्ञापन
संघ के अनुसार 5 मई, 18 जून, 22 जून और 8 जुलाई 2026 को भी प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य आयुक्त, स्वास्थ्य संचालक तथा उपमुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजे गए थे। इसके बावजूद अब तक मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कर्मचारियों ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं, जिनमें—
महिला कर्मचारियों को पुनः नर्सिंग कैडर में शामिल किया जाए।
वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर कर ग्रेड पे ₹3200 किया जाए।
पदोन्नति अन्य विभागों की तरह योग्यता एवं समानता के आधार पर दी जाए।
वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
एनएचएम कर्मचारियों को अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तरह प्रोत्साहन राशि (डीबीटी) का लाभ मिले।
नेटवर्क समस्या के कारण बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न होने पर वेतन कटौती न की जाए।
30 दिन का समय, फिर आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 दिनों के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कर्मचारियों में बढ़ रहा असंतोष
लगातार ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से एनएचएम संविदा कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेती है या फिर प्रदेशभर में आंदोलन की स्थिति बनती है।









