मंडला में सेटिंग ठेकेदारों की बैठक, ₹30 प्रति वर्गफीट तय किया नया रेट

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मंडला में सेटिंग ठेकेदारों की बैठक, ₹30 प्रति वर्गफीट तय किया नया रेट
महंगाई और बढ़ती निर्माण सामग्री की कीमतों का दिया हवाला, कम दर पर काम करने वालों की निगरानी के लिए बनेगी समिति

मंडला। जिले में सेंटिंग के काम की दर बढ़ाने को लेकर सोमवार को गोड़ी पब्लिक ट्रस्ट, मंडला में सेंटिंग ठेकेदारों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सेंटिंग ठेकेदारों ने बढ़ती महंगाई, निर्माण सामग्री की कीमतों और मजदूरी में वृद्धि को देखते हुए सेंटिंग की दर बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से अब सेंटिंग का काम ₹30 प्रति वर्गफीट की दर से लेने पर सहमति बनी।

 

महंगाई के चलते बढ़ाई गई सेंटिंग की दर

बैठक में ठेकेदारों ने बताया कि वर्तमान में मंडला जिले में सेंटिंग का कार्य लगभग ₹20 से ₹25 प्रति वर्गफीट की दर से किया जा रहा था। हालांकि, पिछले कुछ समय में निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मजदूरी की लागत में वृद्धि हुई है।

 

ठेकेदारों के अनुसार, सेंटिंग में इस्तेमाल होने वाली प्लाई, पटिया, राफ्टर, खीला और तार जैसी आवश्यक सामग्रियों के दाम बढ़ गए हैं। इसके साथ ही मजदूरों की मजदूरी में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में पुरानी दरों पर काम करने से ठेकेदारों के लिए खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।

ठेकेदारों का कहना है कि कम दर पर काम करने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च पूरा करने में भी परेशानी आ रही है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए नई दर निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।

 

कम दर पर काम करने वालों पर रहेगी निगरानी

 

बैठक में नई दर का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति के गठन का भी निर्णय लिया गया। समिति का उद्देश्य यह देखना होगा कि कोई भी सेंटिंग ठेकेदार निर्धारित दर से कम पर काम न करे।

बैठक में तय किया गया कि यदि कोई ठेकेदार कम दर पर काम करता पाया जाता है, तो समिति के सदस्य उससे संपर्क कर निर्धारित दर का पालन करने के लिए समझाइश देंगे। साथ ही, भविष्य में कम दर पर काम नहीं करने की बात भी रखी जाएगी।

 

भुगतान संबंधी विवादों में भी सहयोग करेगी समिति

 

सेंटिंग ठेकेदारों के हितों की रक्षा के लिए बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। इसके तहत यदि किसी सेंटिंग ठेकेदार को मकान मालिक या अन्य ठेकेदार से काम का भुगतान प्राप्त करने में परेशानी होती है अथवा उसके साथ किसी प्रकार का अन्याय होता है, तो समिति के सदस्य उसका सहयोग करेंगे।

बैठक में उपस्थित ठेकेदारों ने कहा कि आपसी सहयोग के माध्यम से ऐसी समस्याओं का समाधान कराने और संबंधित ठेकेदार को न्याय दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

 

इसी महीने गठित होगी सेंटिंग ठेकेदारों की यूनियन

 

बैठक में जिले के सेंटिंग ठेकेदारों को संगठित करने के लिए यूनियन बनाने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए इसी महीने एक और बैठक आयोजित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित यूनियन के माध्यम से जिले में सेंटिंग का काम करने वाले ठेकेदारों की समस्याओं को उठाने, जरूरत के समय सहयोग करने और निर्धारित दरों के पालन की निगरानी करने की बात कही गई।

 

बैठक में ये ठेकेदार रहे उपस्थित

 

बैठक में रेनू कछवाहा, हरीश यादव, प्रहलाद चन्द्रॉल, आनंद कुमार रोतिया, गुड्डू श्रीवास, ईश्वरी केवट, अर्जुन कछवाहा, रविंद्र रघुवंशी, नंदू विश्वकर्मा, नरेश कुमार उइके, सुरेश रोतिया, अनुराग कछवाहा, लकी कछवाहा, अजय उइके, अतुल कछवाहा, महेंद्र रजक, कृष्णा चन्द्रॉल, सुरेंद्र चन्द्रॉल, दीपक चन्द्रॉल, अमित मरावी, अवधेश पटेल, अशोक, धर्म सिंह परते, विक्की कछवाहा, नर्मदा कछवाहा, सुखचैन सहित मंडला जिले के अन्य सेंटिंग ठेकेदार उपस्थित रहे।

 

नोट: बैठक में ₹30 प्रति वर्गफीट की दर पर ठेकेदारों के बीच सहमति बनने की जानकारी दी गई है। यह ठेकेदारों का आपसी निर्णय है; इसे किसी सरकारी या वैधानिक रूप से निर्धारित दर के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

Mahishmati Live
Author: Mahishmati Live

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