शिक्षक अखिलेश उपाध्याय ने निभाया सामाजिक दायित्व, बैगा जनजाति छात्रावास की बालिकाओं को स्वयं के व्यय से बांटी अध्ययन सामग्री

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मंडला में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के शिक्षक अखिलेश उपाध्याय ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए बैगा जनजाति छात्रावास की 55 बालिकाओं को स्वयं के व्यय से अध्ययन एवं दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की। साथ ही करियर मार्गदर्शन और नि:शुल्क बोर्ड परीक्षा तैयारी का संकल्प भी लिया।

 

मंडला: शिक्षक अखिलेश उपाध्याय ने बैगा छात्रावास की 55 बालिकाओं को बांटी अध्ययन एवं उपयोगी सामग्री

मंडला। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मंडला के अंग्रेजी शिक्षक एवं जिले के प्रसिद्ध करियर मार्गदर्शक और मोटिवेटर अखिलेश उपाध्याय ने सामाजिक दायित्व का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति छात्रावास की 55 छात्राओं को स्वयं के व्यय से अध्ययन एवं दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करना रहा।

 

55 छात्राओं को मिली अध्ययन एवं दैनिक उपयोग की सामग्री

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को पेन, कॉपियां, पेंसिल किट, कॉफी मग, बारिश के लिए छाते, घड़ियां सहित अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सामग्री प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने इस पहल के लिए शिक्षक का आभार व्यक्त किया।

‘प्रयास’ प्रकल्प के माध्यम से लगातार कर रहे शैक्षिक सहयोग

अखिलेश उपाध्याय अपने एकल प्रकल्प “प्रयास” के माध्यम से लंबे समय से जरूरतमंद विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। पिछले वर्षों में भी उन्होंने अनेक आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा में सहयोग किया है।

करियर मार्गदर्शन के साथ बढ़ाया छात्राओं का आत्मविश्वास

कार्यक्रम के दौरान शिक्षक अखिलेश उपाध्याय ने छात्राओं के सवालों का समाधान करते हुए उन्हें करियर मार्गदर्शन और प्रेरक संदेश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति की छात्राएं कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे विद्यार्थियों को केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन और एक अच्छे मेंटर की भी आवश्यकता होती है।

 

अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का दिया संदेश

छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जुड़े रहना चाहिए, क्योंकि यही उनकी वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बैगा जनजातीय बालिकाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए शिक्षा और परिश्रम के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहिए। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

 

बोर्ड परीक्षा की नि:शुल्क तैयारी कराने का लिया संकल्प

छात्राओं से संवाद के बाद अखिलेश उपाध्याय ने इस शैक्षणिक सत्र में छात्रावास की बालिकाओं को नि:शुल्क अध्यापन और बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने का संकल्प भी लिया। उन्होंने समाज से भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही जरूरतमंद बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है।

 

छात्रावास प्रबंधन ने बताया प्रेरणादायक पहल

बैगा जनजाति छात्रावास की वार्डन शीतल विश्वकर्मा सहित छात्रावास प्रबंधन ने शिक्षक अखिलेश उपाध्याय की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में वार्डन शीतल विश्वकर्मा, ताराचंद पटेल एवं छात्रावास प्रबंधन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Mahishmati Live
Author: Mahishmati Live

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