मध्यप्रदेश के मंडला ज़िले का मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन आज विकास की मुख्यधारा से कटता जा रहा है।

यह स्टेशन मौजूद तो है, लेकिन यहां एक भी नियमित यात्री ट्रेन नहीं रुकती।
हैरानी की बात यह है कि इस स्टेशन के आसपास 10 लाख से अधिक आबादी, छात्र, व्यापारी और यात्री रहते हैं।

व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में साफ कहा गया है कि 14 जुलाई 2025 को भी इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया गया था, लेकिन अब तक जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
मंडला फोर्ट रेलवे स्टेशन पर
– न तो पर्याप्त ट्रेनें हैं
– न एक्सप्रेस का ठहराव
– और न ही यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं

इस कारण यात्रियों को मंडला, नैनपुर या जबलपुर जैसे दूर के स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
इससे समय, पैसा और ऊर्जा – तीनों की भारी बर्बादी हो रही है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि मंडला फोर्ट से एक भी एक्सप्रेस या मेमू ट्रेन शुरू की जाए,
तो क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा और रोजगार को नई दिशा मिल सकती है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि
मंडला फोर्ट को टर्मिनल स्टेशन का दर्जा दिया जाए
और यहां से इलेक्ट्रिफाइड लाइन पर सीधी ट्रेनों की कनेक्टिविटी विकसित की जाए।
अब बड़ा सवाल यही है —
क्या केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन मंडला फोर्ट की आवाज़ सुनेगा,
या फिर यह स्टेशन यूं ही कागज़ों में चलता रहेगा?
Author: Mahishmati Live












