जबलपुर–मंडला–चुटका नई रेल लाइन को लेकर सांसद की पहल, रेल मंत्री को लिखा पत्र

मंडला।
मंडला जिले और महाकौशल क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित जबलपुर–मंडला–चुटका नई रेल लाइन परियोजना को गति दिलाने के लिए सांसद डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर परियोजना के अंतिम स्थान सर्वेक्षण (Final Location Survey – FLS) को शीघ्र पूरा कराने तथा इस परियोजना को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
सांसद का कहना है कि यह रेल लाइन केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि मंडला और आसपास के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास की आधारशिला साबित होगी।
आदिवासी क्षेत्रों को मिलेगा विकास का नया अवसर
प्रस्तावित रेल लाइन से मंडला, चुटका और आसपास के ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों को देश के प्रमुख रेल नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवागमन की सुविधाएं मजबूत होंगी तथा वर्षों से लंबित रेल कनेक्टिविटी की मांग पूरी होने की उम्मीद बढ़ेगी।
व्यापार, पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
रेल संपर्क बेहतर होने से कृषि उत्पादों, वन उपज और स्थानीय उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी। इसके साथ ही कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच सरल होने से पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की संभावना है। स्थानीय व्यापार और छोटे उद्योगों को भी इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
चुटका परमाणु परियोजना को भी मिलेगा मजबूत आधार
सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रस्तावित चुटका परमाणु विद्युत परियोजना के निर्माण और संचालन के लिए भारी मशीनरी, उपकरण एवं निर्माण सामग्री के परिवहन में रेल लाइन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे परियोजना की लॉजिस्टिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और किफायती हो सकेगी।
रेल मंत्री से प्राथमिकता देने का आग्रह
डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि Final Location Survey (FLS) की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके और क्षेत्र की जनता को इसका लाभ मिल सके।
क्षेत्रवासियों की बढ़ी उम्मीदें
मंडला और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर परियोजना को आगे बढ़ाएगी। यदि रेल लाइन का निर्माण शुरू होता है, तो यह महाकौशल क्षेत्र के विकास, निवेश, रोजगार और आधारभूत संरचना को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है।










