मंडला, 13 अगस्त 2026। मंडला जिले के ग्राम चरगाँव क्षेत्र में खेतों और नदी तट के समीप प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के संभावित अवशेष मिलने की सूचना के बाद पुरातत्व विभाग ने वैज्ञानिक स्तर पर सर्वेक्षण और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में लाल मिट्टी के प्राचीन मृद्भांडों के टुकड़े, टेराकोटा अवशेष और पत्थरों पर प्राचीन चरण-चिह्न मिलने की जानकारी सामने आई है।

विशेषज्ञ टीम ने संभाला मोर्चा
प्राप्त जानकारी के वैज्ञानिक परीक्षण और क्षेत्र के संभावित पुरातात्विक महत्व के आकलन के लिए मध्यप्रदेश हेरिटेज डेवलपमेंट ट्रस्ट के माध्यम से मेसर्स कोलार डायनामिक्स, भोपाल को पुरातात्विक रीकॉनिसेंस सर्वे, प्रारंभिक अन्वेषण और हेरिटेज डॉक्यूमेंटेशन का कार्य सौंपा गया है। विशेषज्ञ टीम चरगाँव पहुंचकर संभावित स्थलों का स्थल निरीक्षण कर रही है।
अवशेषों की प्रकृति और विस्तार का अध्ययन
सर्वेक्षण टीम खेतों, नदी तट और आसपास के क्षेत्रों में मिले संभावित पुरातात्विक साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कर रही है। अवशेषों की प्रकृति, उनके विस्तार और वर्तमान स्थिति का भी अध्ययन किया जा रहा है। पत्थरों पर मौजूद चिह्नों को भी तकनीकी दृष्टि से दर्ज किया जा रहा है।

GPS और जियो-टैगिंग से तैयार हो रहा रिकॉर्ड
सर्वेक्षण के दौरान जीपीएस सर्वे, जियो-टैगिंग और साइट मैपिंग के साथ फोटोग्राफिक एवं वीडियोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन किया जा रहा है। इससे संभावित पुरातात्विक स्थलों का व्यवस्थित तकनीकी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
जांच के बाद तय होगी आगे की दिशा
सर्वेक्षण और वैज्ञानिक मूल्यांकन पूरा होने के बाद स्थल के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता और भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई को लेकर विस्तृत तकनीकी अनुशंसा प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। इस कार्य में जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से आवश्यक सहयोग लिया जा रहा है।
यदि सर्वेक्षण में मिले साक्ष्यों का ऐतिहासिक महत्व प्रमाणित होता है, तो चरगाँव क्षेत्र मंडला के पुरातात्विक इतिहास को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण स्थल के रूप में सामने आ सकता है।










