बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखा पत्र, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग

ई-टोकन प्रणाली से आदिवासी किसानों को हो रही परेशानी
मंडला/भोपाल:
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बिछिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर खाद वितरण प्रणाली में आ रही समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने विशेष रूप से ई-टोकन प्रणाली के कारण आदिवासी और ग्रामीण किसानों को हो रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया है।
डिजिटल साक्षरता और आधार लिंकिंग बनी बड़ी बाधा

विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि बिछिया क्षेत्र एक आदिवासी बहुल इलाका है, जहां डिजिटल साक्षरता का अभाव है। लगभग 30 से 40 प्रतिशत किसानों की भूमि अभी तक आधार से लिंक नहीं हो पाई है, जिससे वे ई-टोकन प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं और खाद प्राप्त करने में असमर्थ हैं।
नर्मदा तट के किसानों की अलग समस्या
पत्र में नर्मदा नदी के किनारे स्थित कछार भूमि में खेती करने वाले किसानों की समस्या भी उठाई गई है। विधायक के अनुसार, ये किसान सब्जियां और अन्य फसलें उगाते हैं, लेकिन भूमि के रिकॉर्ड और सरकारी पंजीकरण के अभाव में उनका डेटा ई-प्रणाली में दर्ज नहीं हो पाता, जिससे उन्हें खाद वितरण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भविष्य में फसल उत्पादन पर पड़ सकता है असर
विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि खाद वितरण की प्रक्रिया को सरल और सुलभ नहीं बनाया गया, तो इसका सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा। इससे किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और क्षेत्र में आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने की मांग
नारायण सिंह पट्टा ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ई-टोकन प्रणाली में लचीलापन लाया जाए। साथ ही, आधार से वंचित और कछार क्षेत्र के किसानों के लिए वैकल्पिक ऑफलाइन खाद वितरण व्यवस्था लागू की जाए।
किसानों के हित में जल्द निर्णय की उम्मीद
पत्र के अंत में विधायक ने आशा व्यक्त की है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी और इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।








